Friday, January 4, 2013

draupdi ki laaj

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आयंगे
छोडो मेहँदी खडग संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो

द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, मस्तक सब बिक जायेंगे
सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे |

कब तक आस लगाओगी तुम, बिक़े हुए अखबारों से,
कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से

स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं वे क्या लाज बचायेंगे
सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो अब गोविंद ना आयेंगे |

कल तक केवल अँधा राजा,अब गूंगा बहरा भी है
होठ सील दिए हैं जनता के, कानों पर पहरा भी है

तुम ही कहो ये अश्रु तुम्हारे, किसको क्या समझायेंगे?
सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे ||

Monday, January 12, 2009

कल मैं सूट पहल कर आया tha

कल में सूट पहन कर आया था

मेरा २ लाख का पैकेज है , ऐसा टीवी पर बतायाँ था

पर मेरे बाकी पैसे कहा गए , उससे कौन बिचोलिया खा गया

किसका पेट है इतना बड़ा , जो मेरा एक जीरो पचा गया

बीवी मुझसे कहती है , क्या कोई और मेरे दिल मैं रहती है

जो २५% मुझे ( बीवी को ) देती और , ७५% ख़ुद रख लेती है

मेरे पड़ोसी आब मुझसे डरते है , मुझे आतंकवादी समझते है

मैं उस OSOA का मेंबर हूँ , जो पूरे देश को बंधक रखते है

पर मैं अब किडनेपर से डरता हो , कही टीवी सुन उठा न ले मुझको

इस लिए रोज सेलरी सर्टिफिकेट पॉकेट मैं रख लेता हूँ

२००७ से पैसा बकाया है , अब तक नही फ़ैसला आया है

जो करना है अभी करो , इस को नाजायज़ बतलाया है

ब्लेकमेलर का खिताब दिया , हवा से फिगर्स चाप दिया

अब भी वक्त है सच्च दिख्लायो , ये कैसा इन्साफ किया

कल में सुइट पहन कर आया था

मेरा २ लाख का पैकेज है , ऐसा टीवी पर बतायाँ था!!


एक देशद्रोही की कथा

मैं खून के आँसू रोता हूँ। किसी से कुछ न कहता हूँ..

मीडिया देखे गर अपने को॥अपनी लेविश सेलरिओं को..

बड़ी गाड़ियों मैं चलते हैं..न्यूज़ अपने हिसाब से लिखते हैं.

कितने ओफ्फिसर्स से बात करी .. ???

सिर्फ़ आधी बात रिपोर्ट करी. ???

एम्प्लोयी की किसको चिंता है..

अपने साथ तो जनता है..

मारो सारे ब्लैक मैलेर्स को..

इनकी सारी डिग्री ले लो


१५ साल की सर्विस है॥

देश द्रोही की अर्जिश है..

टीवी ने हमको बताया है

अब मेरी सलारी लाख सवाया है..

ये सुनकर मैं हैरान हुवा..

बरसों का फल अब पाया है..

न किसी ने कोई thought दिया..

दिल दो हिस्सों मैं काट दिया..

क्यो इस हालत को मजबूर हुए..

कोई तो हमारी बात सुने.

कहने को मैं इंजिनियर हूँ..

सुनाने को देश का गौरव हूँ..

पब्लिक भी कितनी अनजान यहाँ..

सरकार के ऐसे फरमान यहाँ..

बीवी बच्चों को धमकी दी..

हड़ताल तो तुमने तोड़ ही ली..

पर एक बार भी सोंचा है..

ये साफ़ तौर पर धोखा है..

दस साल तक जिसका वेट किया..

उसको भी तुमने लेट किया..

दसियों बार आश्वाशन दिए

और हंड्रेड टाईम्स रिपीट किए..

कभी FM ने कभी PM ने..

सबने बारी से टर्न लिए..

बरसों के बात रिपोर्ट मिली..

उसके throgh पेमेंट मिली..

अब सुना है जोadhoc मिला ..

वो औकात से ज्यादा था..

वापस उसको भी करना है..

और ये सब हंस कर सहना है..

अब कैसे बताएं ये हम सबको..

सरकार और न्यूज़ चैनल्स को..

Brain drain सब भूल गए..

१०० मैं से ७० छोड़ गए

मैं अपने बैच मैं अकेला हूँ..

जाने शायद मैं वाला हूँ..

मेरी तो यही कहानी है..

दोनों आंखों मैं पानी है.

नहीं जाता किसी भी माल मैं..

मैं रहता हूँ इस हाल मैं..

सब्जी लेता हूँ गलियों से..

फल फ्रूट खरीदूं ठेलों से..


हमसे तो अच्छे वो ही थे..

जो लात मरकर चले गए..

अब तीन गुना कमाते हैं..

सरकार पर धौंस जमाते हैं..

जब लीन period आएगा …

बैल आउट पैकेज मिल जायेगा..

कितनी अच्ची पॉलिटिक्स है..

अपनी बढ़िया statistics है..

७०००० करोड़ किसानो को..

२५००० करोड़ प्राइवेट घरानों को..

जब हमने अपनी बात कही..

तो हम बन गए देशद्रोही

अब कहो स्ट्राइक भी कैसे ऑफ़ हुयी …

management भी सरकार के साथ हुयी..

हम पढने लिखने वाले थे..

जेल जाने से डरते थे

स्ट्राइक तो सिम्बोलिक थी..

अपनी मनसा तो जाहिर की

छोड़ के हम भी जायेंगे …

देशद्रोही का टैग हटायेंगे..


PSU को ये ही चलाएंगे

ये बेच इसे भी खायेंगे..

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एक देशद्रोही की कथा !