मैं खून के आँसू रोता हूँ। किसी से कुछ न कहता हूँ..
कितने ओफ्फिसर्स से बात करी .. ???
सिर्फ़ आधी बात रिपोर्ट करी. ???
एम्प्लोयी की किसको चिंता है..
अपने साथ तो जनता है..
इनकी सारी डिग्री ले लो
देश द्रोही की अर्जिश है..
टीवी ने हमको बताया है
अब मेरी सलारी लाख सवाया है..
ये सुनकर मैं हैरान हुवा..
बरसों का फल अब पाया है..
न किसी ने कोई thought दिया..
दिल दो हिस्सों मैं काट दिया..
क्यो इस हालत को मजबूर हुए..
कोई तो हमारी बात सुने.
कहने को मैं इंजिनियर हूँ..
सुनाने को देश का गौरव हूँ..
पब्लिक भी कितनी अनजान यहाँ..
सरकार के ऐसे फरमान यहाँ..
बीवी बच्चों को धमकी दी..
हड़ताल तो तुमने तोड़ ही ली..
पर एक बार भी सोंचा है..
ये साफ़ तौर पर धोखा है..
दस साल तक जिसका वेट किया..
उसको भी तुमने लेट किया..
दसियों बार आश्वाशन दिए
और हंड्रेड टाईम्स रिपीट किए..
कभी FM ने कभी PM ने..
सबने बारी से टर्न लिए..
बरसों के बात रिपोर्ट मिली..
उसके throgh पेमेंट मिली..
अब सुना है जोadhoc मिला ..
वो औकात से ज्यादा था..
वापस उसको भी करना है..
और ये सब हंस कर सहना है..
अब कैसे बताएं ये हम सबको..
सरकार और न्यूज़ चैनल्स को..
Brain drain सब भूल गए..
१०० मैं से ७० छोड़ गए
मैं अपने बैच मैं अकेला हूँ..
जाने शायद मैं वाला हूँ..
मेरी तो यही कहानी है..
दोनों आंखों मैं पानी है.
नहीं जाता किसी भी माल मैं..
मैं रहता हूँ इस हाल मैं..
सब्जी लेता हूँ गलियों से..
फल फ्रूट खरीदूं ठेलों से..
हमसे तो अच्छे वो ही थे..
जो लात मरकर चले गए..
अब तीन गुना कमाते हैं..
सरकार पर धौंस जमाते हैं..
जब लीन period आएगा …
बैल आउट पैकेज मिल जायेगा..
कितनी अच्ची पॉलिटिक्स है..
अपनी बढ़िया statistics है..
७०००० करोड़ किसानो को..
२५००० करोड़ प्राइवेट घरानों को..
जब हमने अपनी बात कही..
तो हम बन गए देशद्रोही
अब कहो स्ट्राइक भी कैसे ऑफ़ हुयी …
management भी सरकार के साथ हुयी..
हम पढने लिखने वाले थे..
जेल जाने से डरते थे
स्ट्राइक तो सिम्बोलिक थी..
अपनी मनसा तो जाहिर की
छोड़ के हम भी जायेंगे …
देशद्रोही का टैग हटायेंगे..
ये बेच इसे भी खायेंगे..
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